अफसरनामा ब्यूरो
लखनऊ: करीब ग्यारह महीने पहले उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में एक साथ ताल ठोंकने वाली समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा छोड़ी गयी लोकसभा सीट गोरखपुर और डिप्टी सीम केशव मौर्य द्वारा खाली की गयी लोकसभा सीट फूलपुर के होने वाले उपचुनाव लिए अपने-अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए. कांग्रेस पहले ही इन दोनों सीटों के उप चुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों का नाम घोषित कर चुकी है. इन सीटों उपचुनाव के लिए मतदान 11 मार्च को होना है. परिणाम 14 मार्च को घोषित होंगे.
रविवार को उसकी सहयोगी रही समाजवादी पार्टी ने गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गोरखपुर उपचुनाव के लिये प्रवीण निषाद को तथा फूलपुर सीट से सपा की राज्य कार्यकारिणी में रह चुके नागेन्द्र प्रताप सिंह पटेल को पार्टी का प्रत्याशी घोषित किया. आज ही सपा की सदस्यता ग्रहण करने वाले प्रवीण “निषाद पार्टी” के अध्यक्ष संजय निषाद के बेटे हैं. गठबंधन के मुद्दे पर कोई सीधा जवाब न देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि गोरखपुर व फूलपुर की जनता से इस उपचुनाव में सच्चाई का साथ देने की अपील करेंगे.
बताते चलें कि बसपा इस उपचुनाव में भाग न लेने का निर्णय पहले ही ले चुकी है. ऐसे में यूपी के इन दो लड़कों का अलग-अलग साथ लड़ना आने वाले लोकसभा चुनाव के लिए कुछ अलग ही सियासी संकेत दे रहे. गठबंधन के मुद्दे पर अखिलेश का कुछ साफ़ जवाब न देना क्या भविष्य में साम्प्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए बसपा के साथ का संकेत तो नहीं, अब यह कयास लगाये जा रहे हैं.
